₹20 लाख CTC पर इन-हैंड सैलरी: ₹1,32,513 प्रति माह
₹20 लाख के सालाना CTC पर सामान्य सैलरी ढाँचे और वित्त वर्ष 2026-27 की नई कर व्यवस्था के हिसाब से हर महीने लगभग ₹1,32,513 हाथ में आते हैं (सालाना ₹15,90,160)। बाक़ी पैसा कहाँ जाता है, नीचे पूरा हिसाब है।
| मद | सालाना | मासिक |
|---|---|---|
| CTC | ₹20,00,000 | ₹1,66,667 |
| घटाएँ: नियोक्ता का PF (CTC में शामिल) | −₹1,20,000 | −₹10,000 |
| ग्रॉस सैलरी | ₹18,80,000 | ₹1,56,667 |
| घटाएँ: आपका PF अंशदान | −₹1,20,000 | −₹10,000 |
| घटाएँ: व्यवसाय कर | −₹2,400 | −₹200 |
| घटाएँ: आयकर (नई व्यवस्था, सेस सहित) | −₹1,67,440 | −₹13,953 |
| हाथ में आने वाली सैलरी | ₹15,90,160 | ₹1,32,513 |
₹20 लाख पर 87A की छूट लागू नहीं होती: ₹18,05,000 की कर योग्य आय पर स्लैब दर से टैक्स लगता है — ₹4 लाख तक शून्य, फिर 5%, 10%, 15% और 20% के स्लैब। कुल आयकर सेस सहित ₹1,67,440 बनता है, जो ग्रॉस सैलरी का लगभग 8.9% है — हेडलाइन स्लैब दर से काफ़ी कम, क्योंकि नीचे के स्लैब और स्टैंडर्ड डिडक्शन आपकी ज़्यादातर आय को बचा लेते हैं।
अपने ढाँचे के हिसाब से देखें
₹20 लाख की तुलना
| CTC | मासिक इन-हैंड | सालाना आयकर |
|---|---|---|
| ₹16 लाख | ₹1,08,956 | ₹98,124 |
| ₹18 लाख | ₹1,21,105 | ₹1,28,336 |
| ₹25 लाख | ₹1,59,842 | ₹2,79,500 |
| ₹30 लाख | ₹1,84,830 | ₹4,19,640 |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
20 लाख के CTC पर हाथ में कितनी सैलरी आती है?
सामान्य ढाँचे (बेसिक CTC का 50%, दोनों तरफ़ PF, ₹200/माह व्यवसाय कर, वित्त वर्ष 2026-27 की नई कर व्यवस्था) के हिसाब से ₹20 लाख के CTC पर लगभग ₹1,32,513 प्रति माह हाथ में आते हैं — यानी सालाना ₹15,90,160, ₹1,20,000 PF, ₹2,400 व्यवसाय कर और ₹1,67,440 आयकर के बाद।
20 लाख पर कितना आयकर लगता है?
वित्त वर्ष 2026-27 की नई व्यवस्था में 4% सेस सहित लगभग ₹1,67,440 सालाना — यानी ₹18,80,000 की ग्रॉस सैलरी का करीब 8.9%।
मेरी असली सैलरी इस आँकड़े से अलग क्यों है?
हर कंपनी का ढाँचा अलग होता है: आपका बेसिक CTC का 50% से कम या ज़्यादा हो सकता है, PF ₹1,800/माह पर सीमित हो सकता है, आपके राज्य में व्यवसाय कर अलग या शून्य हो सकता है, और CTC में ग्रेच्युटी, बीमा या वेरिएबल पे भी जुड़ा हो सकता है जो हर महीने खाते में नहीं आता। ऊपर कैलकुलेटर में अपने ऑफ़र के असली आँकड़े भरकर देखें।
इस सैलरी पर पुरानी या नई कर व्यवस्था बेहतर है?
नई व्यवस्था डिफ़ॉल्ट है और इसमें निवेश के प्रमाण नहीं देने पड़ते। पुरानी व्यवस्था तभी फ़ायदेमंद है जब आप बड़ी कटौतियाँ लेते हों — पूरा 80C, होम लोन ब्याज, ज़्यादा HRA। मोटे तौर पर ₹13 लाख CTC से नीचे नई व्यवस्था की छूट को हराना मुश्किल है; उससे ऊपर अपनी असली कटौतियों के साथ दोनों की तुलना करें।
इस कैलकुलेटर का गणित ओपन सोर्स और टेस्टेड है — इंटरैक्टिव रेफ़रेंस में इसे आज़माएँ, जहाँ वे किनारे के मामले असली आँकड़ों के साथ समझाए गए हैं जो ज़्यादातर कैलकुलेटर ग़लत करते हैं, या GitHub पर सोर्स देखें।