वेतन पर्ची बनाएँ — 60 सेकंड में, मुफ़्त

अपने कर्मचारियों के लिए साफ़-सुथरी सैलरी स्लिप बनाएँ — भत्ते, PF, ESI, व्यवसाय कर और TDS की कटौती, और शुद्ध वेतन शब्दों में। पर्ची हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में छपती है, ताकि कर्मचारी को समझ आए और बैंक भी स्वीकार करे।

100% मुफ़्त साइनअप नहीं बैंक और वीज़ा के लिए सही फ़ॉर्मेट कुछ भी अपलोड नहीं होता

कंपनी और कर्मचारी

बैंक, वीज़ा दफ़्तर और मकान मालिक आमतौर पर अंग्रेज़ी पढ़ते हैं — इसलिए दोनों भाषाओं वाली पर्ची सबसे काम की रहती है।

आय (प्रति माह ₹)

कटौतियाँ (प्रति माह ₹)

EPF आमतौर पर मूल वेतन का 12% होता है (₹1,800 पर सीमित रखने का विकल्प भी है)। व्यवसाय कर हर राज्य में अलग है — ज़्यादातर में ₹200 प्रति माह, और दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व राजस्थान में शून्य। राज्यवार दरें देखें

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वेतन पर्ची में क्या होना चाहिए

एक काम की वेतन पर्ची में तीन हिस्से होते हैं — कर्मचारी की पहचान, आय, और कटौतियाँ। बैंक लोन, क्रेडिट कार्ड, वीज़ा और किराए पर मकान लेते समय यही तीनों देखे जाते हैं:

तीन बातें जो अक्सर गलत होती हैं

मूल वेतन बहुत कम रखना। कई छोटी कंपनियाँ PF बचाने के लिए मूल वेतन को CTC का 20–30% रख देती हैं। नए श्रम संहिता नियमों के तहत मज़दूरी की परिभाषा में कुल पारिश्रमिक का कम-से-कम 50% आना चाहिए — इससे कम रखने पर बाद में बकाया देनदारी बन सकती है। अपनी संरचना श्रम संहिता ऑडिट से जाँच लें।

व्यवसाय कर हर राज्य में एक जैसा मान लेना। महाराष्ट्र में सालाना ₹2,500 है, कर्नाटक में ₹25,000 मासिक वेतन से ऊपर ₹200 प्रति माह, जबकि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में यह लगता ही नहीं। गलत राज्य की दर काटना कर्मचारी का पैसा गलत काटना है। राज्यवार दरें यहाँ हैं

नियोक्ता का PF अंशदान कर्मचारी की कटौती में दिखा देना। कर्मचारी की पर्ची में सिर्फ़ उसका अपना 12% अंशदान कटौती में आना चाहिए। नियोक्ता का अंशदान CTC का हिस्सा होता है, कटौती नहीं — दोनों को मिला देने से शुद्ध वेतन गलत बैठता है।

पर्ची बनाने के बाद

अगर आप यह देखना चाहते हैं कि किसी CTC पर हाथ में कितना वेतन आएगा, तो इन-हैंड सैलरी कैलकुलेटर इस्तेमाल करें। नियुक्ति पत्र चाहिए तो ऑफ़र लेटर जनरेटर है, और कर्मचारी के हिसाब-किताब के लिए फुल एंड फ़ाइनल कैलकुलेटर

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या वेतन पर्ची देना कानूनन ज़रूरी है?

दुकान एवं स्थापना अधिनियम और वेतन भुगतान अधिनियम के दायरे में आने वाले संस्थानों को वेतन पर्ची देनी होती है। इसके अलावा कर्मचारियों को लोन, क्रेडिट कार्ड, वीज़ा और किराए के मकान के लिए पर्ची चाहिए ही होती है — एक साफ़ फ़ॉर्मेट सबका समय बचाता है।

PF की कटौती कितनी होनी चाहिए?

कर्मचारी का सामान्य EPF अंशदान मूल वेतन और महँगाई भत्ते का 12% होता है। कई नियोक्ता इसे ₹15,000 के 12% यानी ₹1,800 प्रति माह पर सीमित रखते हैं। नियोक्ता का अंशदान अलग होता है और कर्मचारी की कटौती में नहीं दिखना चाहिए।

व्यवसाय कर क्या है और कितना लगता है?

यह राज्य सरकार का रोज़गार पर लगने वाला कर है, हर महीने काटा जाता है और सालाना ₹2,500 से ज़्यादा नहीं हो सकता। ज़्यादातर राज्यों में एक तय वेतन सीमा के ऊपर लगभग ₹200 प्रति माह; दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में शून्य। पूरी सूची यहाँ देखें

क्या हिंदी में बनी वेतन पर्ची बैंक स्वीकार करेगा?

बैंक, वीज़ा कार्यालय और मकान मालिक आमतौर पर अंग्रेज़ी पढ़ते हैं, इसलिए यहाँ पर्ची डिफ़ॉल्ट रूप से हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में बनती है — हर शीर्षक दोनों भाषाओं में छपता है। इससे पर्ची कर्मचारी को भी समझ आती है और बाहर भी स्वीकार होती है।

क्या कर्मचारियों का डेटा कहीं अपलोड होता है?

नहीं। पर्ची पूरी तरह आपके ब्राउज़र में बनती है और सिर्फ़ आपके डिवाइस पर सेव होती है। हमें न वेतन दिखता है, न नाम।

कोई टूल चाहिए जो यहाँ नहीं है? आइडिया बोर्ड पर बताएँ — सबसे ज़्यादा माँगे गए टूल पहले बनते हैं।